Sunday, 1 January 2012

किसी भी कोने में भारत के.... हो न कोई बवाल....

शपथ ले सही तरीके से ही मनेगा अब ये साल...
किसी भी कोने में भारत के.
हो न कोई बवाल....

भूकंप से तबाही मची जापान में..
पड़ी सुनामी मार...
रेडियेशन का पड़ा तीव्र प्रहार .....
मिस्र, यमन में क्रांति मची..
और लादेन को दिया मार.....
गद्दाफी ने भी मरके छोड़ी सरकार ....
जब ईश्वर की सत्ता सर्वोच्च, क्यूँ उलटी सीधी चाल...
अब किसी भी कोने में भारत के.
हो न कोई बवाल....

चिकनीचमेली, जलेबीबाई  ..
कुछ भी करने को तैयार....
गन्दी भाषा का खूब किया प्रचार......
डेल्ही बेल्ही, डर्टी पिक्चर
को देख टपकती लार .....
यही अब नैतिकता का सार.......
पिक्चर वालो क्या यही उचित है, खुद से करो सवाल....
फिर किसी भी कोने में भारत के.
हो न कोई बवाल....




राजा, अमर और कलमाड़ी
ने स्वच्छ किया है तिहाड़...
मत करना अब अपराधी पर वार.....
सारी तिकड़म व्यर्थ हुई जब..
की राज्य सभा बेकार....
ममता का भी व्यर्थ गया हथियार....
राजनीति ने धर्मनीति पर उठा दिए क्यूँ सवाल....
अब किसी भी कोने में भारत के
हो न कोई बवाल....

जाये सुधर सब अब नर नारी
करें ना भ्रस्टाचार .....
क्यूँ पड़े जरुरत अन्ना को अनशन की यार..
लाकर बाहर से अपना काला धन सारा...
चल करें वैध व्यापार ...
फिर क्यूँ पहने कोई बाबा सलवार...
शपथ ले सही तरीके से ही मनेगा अब ये साल...
किसी भी कोने में भारत के.
हो न कोई बवाल....



 (मनोज) 



4 comments:

  1. अब किसी भी कोने में भारत के
    हो न कोई बवाल....

    सुन्दर रचना... सादर बधाई और नूतन वर्ष की सादर शुभकामनाएं

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  2. दस दिनों तक नेट से बाहर रहा! केवल साइबर कैफे में जाकर मेल चेक किये और एक-दो पुरानी रचनाओं को पोस्ट कर दिया। लेकिन आज से मैं पूरी तरह से अपने काम पर लौट आया हूँ!
    नववर्ष की हार्दिक मंगलकामनाओं के आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार के चर्चा मंच पर भी होगी!

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  3. boht khoob kaha, aapko naya saal boht boht mubarak ho

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  4. sahi kaha
    gud new year resolutions :)

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