Sunday, 20 January 2013

आतंकी संघ आतंकी भाजपा !

देश के गृह मंत्री ने कहा है कि उनके पास रिपोर्ट आ रही है कि भाजपा और आर.एस.एस. के ट्रेनिंग कैंपों में हिन्‍दू आतंकवाद की ट्रेनिंग दी जा रही है, गंभीर बात है, भई देश के गृह मंत्री हैं, उनकी बात को मजाक में नहीं टाला जाना चाहिए, लिहाजा यदि वे कहते है कि इन स्‍थलों पर हिंदू आतंकवाद की ट्रेनिंग दी जाती है तो अवश्‍य दी जाती होगी, परन्‍तु  उनके इस बयान ने अचानक से ही कई प्रश्‍न खड़े कर दिए, आइये विचार करते हैं,

1-      क्‍या देश के गृहमंत्री को यह बयान देना शोभा दे‍ता है कि फला जगह आतंकवाद की ट्रेनिंग दी जा रही है, देश के बाहर पाकिस्‍तान में तो बात समझ में आती है कि आप जानते हैं फिर भी आपको डर लगता है कि अगर हमने हमला कर दिया तो अन्‍तर्राष्‍ट्रीय फलक पर जवाब देना पड़ेगा, फिर पाकिस्‍तानी परमाणु बम का भय भी आपके हृदय में सदैव व्‍याप्‍त रहता है, नक्‍सलवाद और माओवाद की भी बात समझ में आती है कि उनके ऊपर हमला किया तो आपका वोट बैंक धराशायी हो जाएगा, और भाई आप तो ठहरे वोटों के सौदागर, भले ही उसके लिए कितने भी सैनिकों की आहुति गाजर मूली की भांति दे दी जाए तो, परन्‍तु भाजपा के साथ तो ऐसी कोई मजबूरी नहीं, तो भैया इन हिंदू आतं‍की ठिकानों पर आप हमला क्‍यों नहीं करते, क्‍यों नहीं छिन्‍न भिन्‍न कर देते ऐसे तंत्र जो देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं, एक तरफ तो आपको पता है कि वहां आतंक की ट्रेनिंग दी जा रही है और दूसरी तरफ आप कांग्रेस के चिंतन शिविर में बयानबाजी में व्‍यस्‍त हैं, क्‍या अच्‍छा नहीं होता यदि रिपोर्ट देखने के तुरन्‍त बाद आपने ऐसे आतंकी ठिकाने ध्‍वस्‍त करने की योजना बनाई होती, कठोर कार्यवाही को अंजाम दिया होता, बावजूद इसके कि किसी शिविर में आके खिसियानी बयानबाजी करने के, तो क्‍या आपके इस बयान के बाद भी - कि आप जानते हैं कि देश में आतंकवाद कहां पनप रहा है और आप कार्यवाही करने की बजाय बयानबाजी में व्‍यस्‍त हैं, आपको देश के गृहमंत्री के पद पर सुशोभित रहना चाहिए, देश की सरकार और देश की जनता इस पर विचार करे,
  
2-      यदि आर.एस.एस. और भाजपा के शिविरों में हिंदू आतंकवाद की ट्रेनिंग दी जा रही है तो इन संगठनों के मुखिया तो हाफिज सईद के समकक्ष दोषी हुए, आतंकवादी हुए, इन्‍हें अधिक दिनों तक खुला छोड़ दिया गया तो ये राष्‍ट्र के लिए घातक सिद्ध हो सकते हैं, अतः क्‍या यह आवश्‍यक नहीं हो गया है कि मोहन भागवत, सुषमा स्‍वराज, अरूण जेटली, लाल कृष्‍ण आडवाणी और अटल बिहारी बाजपेई जैसे नेताओं को तत्‍काल गिरफतार कर तिहाड़ जेल भेजा जाए, उन पर राष्‍ट्र और मानवता विरोधी होने के कारण मुकदमा चलाया जाए और सजा दिलवाई जाए, ऐसे देशद्रोहियों को तो फांसी की सजा होनी चाहिए, है न गृहमंत्री जी, तो फिर तत्‍काल कार्यवाही की बजाय आप कांग्रेस के चिन्‍तन शिविर में चिन्तित होकर क्‍या कर रहे हैं, अपने पद की गरिमा के अनुरूप तत्‍काल कार्यवाही कीजिए, आपको तो पता ही है कि आतंकवाद के विरूद्ध देश की जनता सदैव आपके साथ होगी,

3-      आपको हिंदू आतंकवाद की बाबत रिपोर्ट मिली, क्‍या मुस्लिम आतंकवाद के बारे में भी कोई रिपोर्ट प्राप्‍त हुई है, यदि हां तो वह क्‍या है और यदि नहीं तो क्‍यों नहीं मिली या मिली आपने देखनी मुनासिब नहीं समझी, ओहो ओहो - समझा वोट बैंक के अपने तकाजे होते हैं कोई बात नहीं, ये पब्लिक है, सब नहीं तो थोड़ा तो जानती ही है,

तो देश की सरकार से अनुरोध है कि आतंकी भाजपा को तत्‍काल सबक सिखाएं, मीडिया जगत कहां हो भाई आतंकियों पर कार्यवाही के लिए चिल्‍लाओ, मोमबत्‍ती ब्रिगेड कहां बिल मे छुपे हो भई चलो कुछ मोमबत्तियां जलाओ, देश को आतंकवाद से बचाओ, अपनी राष्‍ट्रभक्ति दिखाओ,

और चलते चलते, कांग्रेस ने बता दिया कि राहुल नम्‍बर दो हैं, चलिए अब देश को बता भी दीजिए कि देश के प्रधानमंत्री किस नम्‍बर पर आते हैं,


मनोज  

3 comments:

  1. ये ही हैंलालू की रेल के सेकुलर कम्पार्ट मेंट के यात्री जो क़ानून में सेंध लगाके विकलांगों की बैसाखियाँ भी खा गए और क़ानून से विदेश मंत्री का पद पा गए हैं यही है सेकुलर खेमा जिसके एक प्रवक्ता

    (अब मंत्री )देश की सर्वोच्च सत्ता और शौर्य के प्रतीक पूर्व सेनापति को मामूली सरकारी नौकर कह कर सूचना प्रसारण मंत्री का पद पा गए .बहुत सटीक अभिव्यक्ति है आपकी कृपया इसी सन्दर्भ में

    यह भी पढ़िए -

    Virendra Sharma ‏@Veerubhai1947
    .फिर इस देश के नौजवानों का क्या होगा ?http://kabirakhadabazarmein.blogspot.com/2013/01/blog-post_1932.html …
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    Virendra Sharma ‏@Veerubhai1947
    ram ram bhai मुखपृष्ठ रविवार, 20 जनवरी 2013 .फिर इस देश के नौजवानों का क्या होगा ? http://veerubhai1947.blogspot.in/
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  2. शख्शियत

    राहुल गांधीबनाम Raul Vinci

    आप भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के सद्य नियुक्त उपाध्यक्ष हैं .

    आपका जन्म 19 जून 1970 को हुआ .आपकी आरम्भिक शिक्षा दिल्ली के कूल्म्बिया स्कूल में हुई .इसके बाद आप दून स्कूल,देहरादून,

    उत्तराखंड में (1981-83)तक अध्ययन रत रहे .

    वर्तमान में आप अमेठी से सांसद हैं .2004 से आप सार्वजनिक जीवन (राजनीति )से जुड़े हैं .भारत के एक बड़े भू -भाग की आपने यात्रा

    की है .

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  3. बहन प्रियंका के

    साथ मिलके आपने उत्तर प्रदेश में अनेक रोड शो किये हैं .मायावती का दलित वोट बैंक आपके निशाने पे रहा है .

    विवादों से आपका पुराना रिश्ता रहा है .आप ट्राईनिटी कालिज लन्दन से एमफिल है लेकिन आपके पास मास्टर्स डिग्री नहीं है .हो सकता है

    विदेशों में ऐसे विश्वविद्यालय हों जहां एमए किये बिना

    एमफिल करा देते हों .चलो ऐसे विश्वविद्यालय का आपको लाभ तो मिला न .शायद इसीकारण आप अपनी एमए की डिग्री का हवाला नहीं

    देते .बी ए के हवाले के बाद सीधे एमफिल होने का उल्लेख

    करते हैं .ठीक वैसे जैसे कोई पुत्र अपने पिता का उल्लेख न करके सीधे दादा का नाम लेता हो।चलो ,ये आपकी प्रवृत्ति बभी हो सकती है

    ,कुछ कहना और कुछ छिपा लेना .बहरहाल ऐसा तो आपकी

    माँ सोनिया गांधी भी करती रहीं हैं .तो भारत वासियों को ये तो पता लगना ही चाहिए कि ये आपकी पारिवारिक विरासत है .बहरहाल ,हमें

    तो आपकी उपलब्धियों का उल्लेख करना है और वह हम

    कर रहें हैं . सेंट स्टीवन्स कोलिज,दिल्ली में आप एक वर्ष तक(1989-90)

    अध्ययन रत रहे तदनंतर

    पहले

    आप हारवर्ड यूनिवर्सिटी ,फिर रोलिंस कालिज में अध्ययन रत रहे .इसी कालिज से आपने बीए की उपाधि प्राप्त की .आप अनेक वजहों से

    एक के बाद एक शिक्षा संस्थाएं बदलते रहें है जिनमें से एक

    वजह आपकी सुरक्षा से जुडी रही है .इसीलिए रौल विन्ची

    रहा

    है आपका नाम इन संस्थानों में .आपने अपनी दादी, माँ- बाप और बहन की परम्परा का अनुसरण करते हुए अंतरजातीय प्रेम सम्बन्ध

    तो बनाए हैं लेकिन 43 वर्षीय होने पर भी प्रेम

    विवाह नहीं किया है .पर निश्चय से ऐसा कौन कह सकता है .


    सुनने में आया था आप एक कूलम्बियन युवती Juanita से प्रेम करतें हैं जो आपसे विवाह सम्बन्ध में बंधना चाहती है .लेकिन आपने खुद

    एक साक्षात्कार में अपनी गर्ल फ्रेंड का नाम Veronique

    बतलाया है जो स्पेन की रहने वाली है .फिलवक्त वेनेजुएला में रहती है .गत दिनों केरल प्रदेश में आपने अपनी बहन के सम्बन्धियों के

    संरक्षण में अपनी प्रेमिका के साथ फुर्सत के क्षण बिताये हैं .

    दलित विलेजिज़ आपके प्रिय स्थल रहें हैं .

    2009 के लोक सभा चुनावों के लिए आपने 6हफ़्तों में 125 चुनाव सभाओं को संबोधित किया .

    यूथ कोंग्रेस के आप महा सचिव रहें हैं .इसकी सदस्य संख्या बढ़ाने में आपका बड़ा योगदान रहा है .क्या पीठ पर महासचिव की मोहर

    लगवाने भर से उन लोगों का आप में विश्वास पैदा हो जाएगा

    जिन्होनें कभी पहले के चुनावों में आपके समर्थित उम्मीदवारों का सूपड़ा साफ़ कर दिया था .खैर अहम क्या ले बैठे .हमें तो नौज़वानों के

    सामने आपकी जीवन गाथा कहनी है .पर आपके छिपे हुए

    गुण ऐसे हैं कि पता लगने पर कुछ न कुछ कहने के लिए ही मजबूर कर देते हैं .जैसे अब दिल्ली में हाल के दिनों में गैंग रेप की बर्बर घटना

    घटी और आप मौन भवन में जाकर बैठ गए .यही तो

    आपकी विशेषता है जो लोगों को पता नहीं है .सीमा पर मेंढर क्षेत्र में पाकिस्तान सेना भारतीय सैनिक का सिर कलम करके अपने साथ ले

    गई और भारत के अभागे लोग आपकी प्रतिक्रिया तक

    सुनने को तरस गए .आप से अच्छे तो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी हैं जिन्होनें आठ दिन बाद ही सही अपनी चुप्पी तो तोड़ी .दरअसल

    आपके गुणों की कथा तो सहस्र मुख शेष नाग भी नहीं कह

    सकते फिर हमारी क्या बिसात .ऐसा होते हुए भी हमारा फर्ज़ तो ये है हम आपको बधाई दें और सम्बंधित जानकारी पूरी विनम्रता से

    लोगों तक पहुंचाए .दरअसल आप हमें प्रिय बहुत हैं .हमें तो क्या

    पूरे भारत के लोगों को आप प्रिय हैं .ये अलग बात है कि आप और आपके गुण दोनों अलग अलग मुद्दे हैं .अगर किसी को आपके गुण प्रिय

    नहीं लगते तो हम इसमें क्या कर सकते हैं .

    राष्ट्रीय सुरक्षा पर आपके विचार :

    आप हिन्दू इन्तहा पसंदों को मुस्लिम दहशत गर्दों के बरक्स बड़ा ख़तरा मानते हैं .(भारतीय

    )राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS)की तुलना

    आप आतंकी संगठन SIMI से कर चुकें हैं .भारत में रहने वाले मुसलमानों का एक हिस्सा

    लशकरे

    तैयबा से जुड़ा रहा है ऐसा तो आप मानते हैं .

    लोकपाल को आप एक संविधानिक संस्था का दर्ज़ा दिलवाना चाहते हैं .

    अब इस देश में अनुशासन तो है नहीं ,देखो ये मनोविज्ञानी आपके बारे में न जाने क्या क्या कह

    रहें हैं .आपको अस्थिर चित्त मंदमति


    की संज्ञा दी है .आप उनकी राय पर चिंता न करें .और निर्वाचन सभाओं में अपनी आस्तीनें

    चढ़ाकर लिखे हुए को बोलने का कर्म जारी रखें

    .कोशिश ये होनी चाहिए कि लिखित भाषण कहीं गिर न जाए .फिर इस देश के नौजवानों का

    क्या होगा ?

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